Tuesday, February 18, 2020

जिला पंचायत का नवाचार-ट्रेन के डिब्बो की तरह बनाया जा रहा स्कूल भवन,लोगो के आकर्षण का केंन्द्र बना

ट्रेन के डिब्बो की तरह बनाया जा रहा स्कूल भवन, लोगो के आकर्षण का केंन्द्र बना

जिला पंचायत सीईओ ऋजु बाफना का नवाचार

विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सरकार ध्यान देने लगी है। अब व्यवस्था कुछ हद तक सुधार दिखने लगा है। जिला पंचायत सीईओ ऋजु बाफना के निर्देशन में किये जा रहे नवाचार को देखकर सभी हैरान है
ऊँचेहरा विकासखण्ड क्षेत्र के लोहरौरा गांव स्थित माध्यमिक विद्यालय को देखकर लोग चौंक रहे हैं कि यह स्कूल है या रेलवे स्टेशन। इस स्कूल को एक विशिष्ट पहचान देने के लिए पूरे विद्द्यालय भवन को ट्रेन की डिब्बो की तरह रंग रोगन कर विकसित किया जा रहा है। ट्रेन के डिब्बे के रूप में कमरों को कलर करने के साथ ही इसे रेलगाड़ी का रूप देने में कारीगर जुटे हैं। इसके तहत अभी क्लास रूम को रेल के डिब्बे का रूप दिया जा रहा है। व अभी इसमें फर्श को रेल पटरी की तरह बनाया जाएगा। पूरे विद्यालय परिसर को रेलवे स्टेशन की तरह विकसित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। क्लास रूम में बच्चों को बैठने के लिए डेस्क व बेंच की समुचित व्यवस्था भी की जा रही है ।

Wednesday, January 29, 2020

आगनवाड़ी में जन्मोत्सव कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर दिया विशेष जोर

आगनवाड़ी में जन्मोत्सव कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर दिया विशेष जोर

ऊँचेहरा। 
राष्ट्रीय बालिका सप्ताह अंतर्गत महिला एवं बाल विकास परियोजना ऊँचेहरा अंतर्गत पोंडी सेक्टर के पिथौराबाद आंगनबाड़ी 4 में जन्मोत्सव कार्यक्रम समारोह आयोजित किया गया । कार्यक्रम में परिवार में जन्मी प्रथम बालिकाओं व उनके परिजनों को  सम्मानित किया।

 साथ ही पोषक अनाजो से बनी प्रदर्शनी लगाई गई एवं केंद्र के समीप शाशकीय हाईस्कूल अतर्वेदिया कला के सभागार में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजन भी किया जिसमे प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिका को विशेष पुरस्कार से समानित किया। इस अवसर पर पर्यवेक्षक अर्चना रजक ने अपने उदबोधन में कहा कि बेटी बेटे से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। इस बात को हर माता-पिता को समझना होगा। आगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रियंका पांडेय ,सरिता दहायत,सुरेखा कुशवाहा,ने कुपोषण प्रबंधन, जांच, लक्षण, पहचान एवं प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।  इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित गाव की किशोरी ,महिलाएं एवं बच्चे को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर शपथ भी दिलाया ।

Friday, January 24, 2020

कर्मवीर सम्मान से विभूषित हुए पद्मश्री बाबूलाल दाहिया

कर्मवीर सम्मान से विभूषित हुए पद्मश्री बाबूलाल दाहिया
    भारत के हृदय प्रदेश महाकोशल, छत्तीसगढ़, विदर्भ,निमाड़ और मालवा में आजादी की अलख जगाने वाले कर्मवीर के सौ बरस पूरे हो गए हैं। भारतीय जनमानस की मुक्ति आकांक्षा और राष्ट्र के लिए शीश चढ़ाने की अभिलाषा की ओजस्वी कर्मवीर शताब्दी-समारोह का आयोजन माधवराव सप्रे स्मृति समाचार- पत्र संग्रहालय  भोपाल में आयोजित किया गया। 
           जिसमे जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं पर्यावरणविद जैव-विविधता के संरक्षक श्री बाबूलाल दाहिया सहित गाँधी मार्ग के अनुयायी डॉ. राकेश कुमार पालीवाल, , संस्कारधानी के सेतु बंधु श्री शंकरभाई ठक्कर, छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित पत्रकार श्री रमेश नैय्यर और हिन्दी सेवी श्री कैलाशचंद्र पंत को 'कर्मवीर'' सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान-स्वरूप शॉल, गाँधी चर्खा की प्रतिकृति और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया गया।

 इस अवसर पर कर्मवीर के शताब्दी विशेषांक का विमोचन भी हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने समाचार-पत्रों के ऐतिहासिक संकलन और संरक्षण के क्षेत्र में सप्रे संग्रहालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।
समारोह में पत्रकार श्रीमती अमृता सिंह, पूर्व सांसद श्री रामेश्वर नीखरा, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति श्री दीपक तिवारी और विश्वविद्यालय के पूर्व महानिदेशक श्री अरुण चतुर्वेदी  समारोह समिति के अध्यक्ष विनय शंकर दुबे और संयोजक विजयदत्त श्रीधर उपस्थित रहे।

Thursday, January 23, 2020

गणतंत्र दिवस के दिन दाहिया समाज मनाएगा काला दिवस

अनशनकारियों की प्रासाशन ने नही ली सुध

गणतंत्र दिवस के दिन दाहिया समाज मनाएगा काला दिवस

सतना  ।
मध्यप्रदेश दाहिया (दहायत) समाज का क्रमिक अनशन जारी है तीन दिन गुजरने के बाद भी जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन रहकर अपने अड़ियल रवैए में कायम है जिस कारण  समाज के लोग पूरी तरह से रुष्ट है। और उक्त नाराजगी को प्रदर्शित करने हेतु समाज ने निर्णय लिया है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन काला दिवस मनाया जाए ।

 उक्त जानकारी समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र दाहिया ने दी उन्होंने बताया स्थानीय प्रशासन द्वारा सरकार के आदेशों एवं महामहिम राज्यपाल के निर्णय को भी ताक में रखकर संविधान की अवहेलना की है तथा मानव अधिकार का हनन किया जा रहा है हमारे समाज के हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है गरीब समाज के बच्चे बिना छात्रवृत्ति के महाविद्यालयों में पढ़ने से वंचित हो रहे हैं और समाज के लोगों को भी शाशन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है अतः समाज के वरिष्ठ बुजुर्ग महिलाएं एवं छात्र छात्राओं द्वारा 26 जनवरी को काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए ध्वजारोहण करेंगे।  
तीसरे दिन के अनशन में युवा मोर्चा के अध्यक्ष राम उजागर (रिंकू)पूर्व पार्षद राकेश दाहिया मंडल अध्यक्ष रामदींन दाहिया एवं रामदत छोटू को तिलक लगाते हुए समाज के संभागीय अध्यक्ष कृष्णपाल दहिया ने अनसन पर बैठाया आज अनशन के समर्थन में राम कुमार विश्वकर्मा प्रदेश महामंत्री कांग्रेस एडवोकेट केपी पाल (द बुद्धाज वर्ल्ड) कांग्रेस नेता राम धीरज कुशवाहा , सुदामा प्रजापति जनपद सदस्य प्रजापति समाज के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल दाहिया संभागीय अध्यक्ष कृष्णपाल दाहिया, जिलाध्यक्ष राजेंद्र दाहिया, पार्षद शैलेंद्र दाहिया दाहिया, राकेश दाहिया पूर्व पार्षद अरुण दाहिया, रामायण दाहिया ,अनुपम दाहिया पिथौराबाद, पूर्व बीईओ गोरेलाल दाहिया नागौद सहित सैकड़ों  समाज के लोग  उपस्थित रहे।

Tuesday, January 21, 2020

सतना के आदिवासी बाहुल्य पहाड़ी अंचल में अधिकारियों की उदासीनता के चलते यहां संचालित सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं बेपटरी है

मास्टर जी, आप कब आओगे ?

अधिकारियों की उदासीनता के चलते परसमनिया पहाड़ी अचल में संचालित सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं
बेपटरी है

आधुनिकता के इस दौर में सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए दावे किये जा रहे है,वहीं ऐसे में जिले के ऊँचेहरा जनपद क्षेत्र के परसमनिया पठारी क्षेत्र के हालत कुछ और ही है पहाड़ी अंचल होने से यहां सही तरीके से अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी नही हो पा रही जिसका फायदा यहां पदस्थ कर्मचारी उठा रहे हैं ।
यहां के संकुल केंद्र पहाड़ी अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक शाला कलावल में आज बुधवार सुबह करीब 11-30 बजे स्कूल में ताला लटक रहा था और यहां पढ़ने वाले बच्चे खुले आसमान के नीचे ठड में ठिठुरते ताला खोलने कर्मचारी और अध्यापक का इंतजार करते हुए खड़े थे । बताया गया कि इस स्कूल में चार शिक्षक है जो नागौद और मैहर से आते है।
समूचे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे
जानकारी के अनुसार यहाँ ऊँचेहरा विकसखण्ड के पहाड़ी अंचल में 16 पंचायत अंतर्गत 84 गाव है जहॉ अधिकारियों की उदासीनता के चलते क्षेत्र में संचालित सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं भगवान के भरोसे हैं। कहीं स्कूलों में शिक्षक देरी से आते हैं तो कहीं स्कूलों में ताले लगे होते हैं शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश धरासायी दिखाई देते है यहां के अधिकांस स्कूलो में छुट्टी के जैसे हालत ही रहते यहां पढ़ाने वाले शिक्षक ऊँचेहरा,नागौद, मैहर ,जैसे शहरो में रहते है मोटरसाइकल से आकर प्रति दिन आवागमन कर पढाने आते हैं इस कारण सुबह पहले समय पर पहुचते नहीं व कुछ ही घण्टो में पुनः जाने की तैयारी बना लेते हैं। लिहाजा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है और कहीं ना कहीं बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता दिखाई दे रहा है।

दाहिया समाज ने कलेक्ट्रेट के सामने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना -प्रदर्शन

दाहिया समाज ने कलेक्ट्रेट के सामने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना -प्रदर्शन

मध्यप्रदेश दाहिया (दहायत) समाज द्वारा अनूसूचित जाति का प्रमाण पत्र न बनाये जाने के विरोध में  समाज के लोगो द्वारा मंगलवार की सुबह से एकत्रित होकर शांतिपूर्व जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर में पहुचकर अनिश्चितक्लीन धरना-प्रदर्शन प्रारम्भ कर दिया है। अनशनकारियों ने बताया कि उक्त मामले को लेकर पूर्व में विगत 17 दिसम्बर को जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था लेकिन फिर भी किसी तरह अमल व कार्यवाही नही हुई थी, इसलिए समाज की ओर से अनसन करने का निर्णय लिया गया है। 
                 अनशन के प्रथम दिन समर्थन में अजय सोनी प्रदेश महामंत्री कांग्रेस,एकेएस यूनिवर्सिटी संचालक ,जेपी कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि सतना,गंगा वर्मा ,वरिष्ठ समाजसेवी उपस्थित हुए । 
इस दौरान सुरुआत से समूचे अनशन में प्रदेश अध्यक्ष अनिल दाहिया सम्भागीय अध्यक्ष कृष्णपाल दाहिया ,राजेन्द्र दाहिया जिलाध्यक्ष अशोक दाहिया सम्भागीय उपाध्यक्ष बद्री दाहिया पूर्व जिलापंचायत सदस्य,राकेश दाहिया पूर्व पार्षद, पार्षद शैलेन्द्र दाहिया,रामऊजागर रिंकू जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा,शिवबरन दाहिया,राकेश दाहिया, बृजकिशोर दाहिया ,रामबालक दाहिया,अनुपम दाहिया पिथौराबाद, मुन्ना दाहिया,छोटु दाहिया, रामकरण दाहिया, रामविश्वास,बाल्मीक दहायत,बद्री दाहिया ,रामायण दाहिया, उमेश,दाहिया,नीरज,कु वंदना, शंकरदीन दाहिया,प्रदीप दाहिया,डॉ दयाराम दाहिया, हीरालाल दाहिया,डॉ धर्मदास दाहिया,भरोसीलाल दाहिया, सोनू,विष्णु,लेखराम दाहिया,पवन दाहिया,कु निवेदिता दाहिया रामशिरोमणि दाहिया, हीरेन्द्र दाहिया,अरुण दाहिया,उपेंद्र पिंकू दाहिया, सतेंद्र,सहित संगठन के समस्त पदाधिकारी व सैकड़ो स्वजातीय लोग उपस्थित रहें।

Sunday, January 19, 2020

21 जनवरी से दाहिया ( दहायत ) समाज करेगा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं अनसन

दाहिया ( दहायत ) समाज करेगा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं अनसन

मध्यप्रदेश दाहिया (दहायत) समाज द्वारा अनूसूचित जाति का प्रमाण पत्र न बनाये जाने के विरोध में 21 जनवरी को समाज के लोग सुबह करीब 10 बजे धवारी स्टेडियम में एकत्रित होकर शांतिपूर्व जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर में जायगे और वहां अनिश्चितक्लीन धरना-प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन प्रारम्भ करेंगे। उक्त मामले को लेकर पूर्व में विगत 17 दिसम्बर को जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था और उनके द्वारा काम करवाने का आश्वाशन भी मिला था । किन्तु उसके बावजूद भी किसी तरह का अमल व कार्यवाही न होने के कारण, उक्त समाज की ओर से अब अनिश्चित कॉलीन धरना-प्रदर्शन व अनसन करने का निर्णय लिया गया है।
    
 दाहिया दहायत समाज के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र दाहिया, सम्भागीय अध्यक्ष के.पी.दाहिया एवं प्रदेश अध्यक्ष अनिल दाहिया ने अपने  संयुक्त वक्तव्य में बताया कि मध्यप्रदेश शासन के अनुसंधान शाखा द्वारा सन 2000 में उक्त समाज का मानव शास्त्रीय नृजातीय अध्ययन हुआ था जिसमें अनु जाति की सूची क्रमांक 18में दहायत के साथ दाहिया को भी जोड़े जाने की अनुशंसा की गई थी जो कि 2014 से गजट में है और यह भी स्पष्ट किया था कि रीवा सम्भाग अंतर्गत निवास रत कोटवार ही मूलतः दहायत जाति के लोग हैं। साथ ही पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय एवं सामान्य प्रशासन के पोर्टल से कोटवार (पद सूचक) शब्द को विलोपित भी कर दिया गया है जिसके आधार पर रीवा शहडोल एवं अन्य जिलों में अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी भी किया जा रहा है। परंतु सतना जिले में दाहिया (दहायत) समाज के लोगों द्वारा जब अपने जाति-प्रमाण पत्र बनवाने हेतु लोक सेवा केन्द्र में आवेदन दिए जाते है तो तमाम दस्ताबेजो के बाबजूद भी वहां पर इन आवेदनों को लेने से मना किया जा रहा है। इस संबंध में एसडीएम सहित तमाम अधिकारियों से मिलने पर भी जाति प्रमाण-पत्र बनने की समस्या का निराकरण नही हो पा रहा। अस्तु मजबूर होकर धरना प्रदर्शन और अनसन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है क्यो कि प्रशासन के इस रवैए के चलते जिले के हजारो परिवार प्रभावित है जिनके प्रमाण पत्र नही बन रहे। परिणामस्वरूप एक ओर तो समस्त जिले के छात्र छात्राओं के छात्रवृत्ति के फॉर्म नहीं भरे जाने से वे परीक्षा से वंचित होगे जिससे उनका पूरा साल बर्बाद होगा दूसरी ओर शासन की अनुसूचित जाति वर्ग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ से भी उक्त समाज के लोग वंचित हो रहे है।


✍ अनुपम दाहिया