Tuesday, December 3, 2019

परीक्षा सिर पर फार्म नही भर पाए हजारो छात्र



परीक्षा सिर पर फार्म नही भर पाए हजारो छात्र 

 अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 4 दिसम्बर से शुरू होने वाली है 
पर विडम्बना इस बात की है कि हजारों छात्र  छात्राओं ने अब तक परीक्षा फार्म ही नहीं भर पाए हैं और अगर कोई अब फार्म भरना चाहता है तो उसे   15सौ रुपए विलंब शुल्क देना पड़ेगा । दरअसल अब तक विश्वविद्यालय में ऐसे कई सैकड़ा प्रकरण लंबित पड़े हैं जिनमें छात्रों ने विषय परिवर्तन का आवेदन किया था । मगर प्रबंधन द्वारा उनके आवेदनों की अनदेखी 8के चलते आलम  है कि परीक्षा शुरू होने वाले है और विश्वविद्यालय द्वारा कोई भी उपाय नहीं ढूंढ सका है । कुल मिलाकर छात्रों को या तो परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा या फिर पास होने के लिए मजबूरन अनचाहे विषय की परीक्षा देनी होगी । ऐसे में वह छात्र कैसे आवेदन कर सकते हैं जो गरीब तबके से संबंध रखते और उनकी स्थिति दयनीय हैं । छात्रों के बताये अनुसार हर साल अपनाई जाने वाली विषय परिवर्तन प्रक्रिया को इस वर्ष लागू नहीं किया गया है । परीक्षा अब सिर्फ दो दिन बचे हैं और अब ऐसी स्थिति बनी हुई है ।

जिले के इन 15 कालेज में बनाये जायेगे परीक्षा केंद्र  

शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय द्वारा सतना में 15 परीक्षा केन्द्र बनाये जा रहे है जिनमे वाणिज्य महाविद्यालय ,
विंध्या कॉलेज करही रोड,सिंधु कन्या महाविद्यालय सतना ,श्री रामाकृष्णा कॉलेज  भरहुत नगर सतना , शासकीय इन्दिरा गांधी कन्या महाविद्यालय , जलद त्रिमूर्ति कालेज नागौद ,शारदा कालेज सरला नगर मैहर , विवेकानंद कालेज मैहर ,कालेज अमरपाटन , कालेज न्यू रामनगर , कालेज जैतवारा , स्वामी नीलकंठ कालेज मैहर , सीकैट कन्या कालेज मैहर , विंध्यांचल कालेज जिगना और कालेज रामपुर बघेलान  हैं ।

  

अवैध उत्खननक्रर्ता पर सतना कलेक्टर ने 21 लाख 82 हजार की लगाई पेनाल्टी



परसमनिया पठार के सखौहा में अवैध उत्खनन पर कलेक्टर ने 21 लाख 82 हजार की लगाई पेनाल्टी

सतना । उचेहरा तहसील के अंतर्गत परसमनिया पठारी क्षेत्र के ग्राम सखौहा में अवैध उत्खनन करने के मामले में राजेंद्र सिंह तनय राम स्वरुप सिंह गोंड के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रकरण पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सतेंद्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है । अवैध उत्खननकर्ता राजेंद्र सिंह पर रायल्टी 30 गुना अर्थदंड अधिरोपित किया गया है । आरोपी के खिलाफ 21 लाख 82 हजार रुपए की पेनाल्टी लगाए जाने का आदेश पारित किया गया है ।  आरोपी राजेंद्र सिंह निवासी सखौहा खुर्द सखौहा की आराजी नंबर 11 रकबा .543 हेक्टेयर के अंश भाग में अवैध उत्खनन पत्थर निकाले थे । खनिज विभाग ने जांच पड़ताल कर प्रकरण तैयार किया था । कलेक्टर कोर्ट प्रस्तुत प्रकरण नंबर 67 / 2018 - 19 पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने 72 हजार 733 रुपए की खनिज रायल्टी के मुकाबले तीस गुना अर्थ दंड अधिरोपित किये का आदेश दिया है ।
यहां दर्जनों वैध खदाने स्वीकृत हैं लेकिन उनके मुकाबले अवैध खदानें अधिक चल रही है जहां  व्यापक पैमाने में पत्थर पाटिया का उत्खनन किया जा रहा व वैध टीपी की आड़ में बाहर भेजा जाता है 


सतना जिले के ऊँचेहरा विकासखण्ड क्षेत्र के परसमनिया पशुचिकित्सालय का हाल जहा कई महीनों से लटक रहा ताला


कई महीनों से नही खुला परसमनिया का पशु चिकित्सालय का ताला
सतना ।
            ऊँचेहरा परसमनिया पठारी अंचल में कभी भी निगरानी व जांच न होने से भर्रेसाही व्याप्त है । यहां पहाड़ी अंचल के मध्य स्थित ग्राम पंचायत परसमनिया में बना शासकीय पशु चिकित्सालय का कई महीनों से ताला ही नही खुला है । ग्रामीणों ने बताया की यहां चिकित्सक के रूप में डॉ पुष्पराज सिंह पदस्थ है जो रीवा के रहने वाले है और तक वो कभी भी आये ही नही जबकि नियमानुसार प्रतिदिन  चिकित्सालय खुलने का समय सुबह 8 बजे से सायं से 6 बजे तक निर्धारित  है। स्थिति यह है कि क्षेत्र में दर्जनों पंचायतो के बीच यही एक मात्र शासकीय पशु चिकित्सालय है। आसपास गावो के ग्रामीण पशुपालक अपने बीमार पशुओं का इलाज करवाने के लिए आते है पर  पशु चिकित्सालय पर ताला लटका देख निराश होकर बीमार पशु को लेकर मजबूरी में वपिश या उपचार के लिए अन्यत्र व दूर दराज भटकना पड़ता है।


सतना बिरसिंहपुर में मोबाइल के टार्च के रोशनी में कर दिए 35 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन

 

सतना जिले में स्वास्थ्य विभाग की जानलेवा लापरवाही का एक मामला सामने आया है।

मोबाइल के टार्च के रोशनी में कर दिए 35 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन

        सतना । जिले में स्वास्थ्य विभाग की जानलेवा लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विरसिंहपुर में 30 नबम्बर शनिवार को  महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था जिसमे 35 महिलाओं की नसबंदी किया जाना था। चिकित्सक ने प्रोटोकॉल को धता बता महिलाओं की जान जोखिम में डालकर टार्च की रोशनी में नसबंदी ऑपरेशन कर डाले । 
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ . देवेंद्र सिंह को नसबंदी का जिम्मा सौंपा गया था लेकिन डॉ सिंह शिविर में नसबंदी ऑपरेशन करने शाम 5 बजे के बाद अस्पताल पहुंचे और ऑपरेशन भी शुरू हुआ तो अंधेरा होने के बाद और ओटी अंधेरे के चलते चिकित्सक ने टार्च मंगाई और मोबाइल टार्च की रोशनी के सहारे चिकित्सक ने अंधेरे में ही 35 नसबंदी ऑपरेशन कर दिए । 

महिलाओं के घरवालों परिजनों ने सीधे तौर आरोप लगाया है कि इलाज के बाद उन्हें ऑपरेशन कक्ष से वार्ड में ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं मुहैया कराया गया, जिसकी वजह से उनके परिजन उन्हें हाथों में उठाकर वहां से बाहर लाए और वार्ड में लेटाया। इतना ही नहीं इन महिलाओं के लेटने के लिए बेड की व्यवस्था तक नहीं की गई ठंड के इस मौसम में जमीन पर ही अंधेरे कमरों में ही दरी ,चादर बिछाकर जमीन पर लिटा दिया गया । जबकि नियमानुसार नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को ठंड और संक्रमण से बचाने के लिए बेड़ पर लेटाना जरूरी होता है इस तरह जमीन पर लेटाने से महिलाओं में संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है।


बताया गया कि अस्पताल में ना तो पर्याप्त बेड थे ना ही कंबल और ना ही बिजली का सही इंतज़ाम अस्पताल में जनरेटर भी चालू हालत में नहीं था जबकि स्वास्थ्य महकमे के द्वारा शिविर के लिए अलग से बजट भी स्वीकृत किया गया है ।    सर्विस प्रोवाइडर ,हितग्राही को पीओएल घर से आने जाने ) ,रिफ्रेशमेंट और कैप मैनेजमेंट सहित के लिए राशि निर्धारित है,लेकिन इसके बाद प्राथमिक सुविधाओं तक उपलब्ध नहीं करायी जा रही।

घटना की जांच के लिए कलेक्टर ने गठित किया दल 
         कलेक्टर व जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतेंद्र सिंह द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर में टार्च की रोशनी में 30 नवंबर को नसबंदी ऑपरेशन करने की घटना की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच दल में अपर कलेक्टर व अपर जिला मजिस्ट्रेट आईजे खलखो, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय आरख व लेप्रो स्कोपिक सर्जन सह-डीएचओ ,डॉ. चरण सिंह को शामिल किया गया है। जांच दल जांच कर मंगलवार तक प्रतिवेदन देगा। 
जिसमे  घटना की जांच के लिए बिंदु तय किए गए है। 
निर्धारित बिन्दुओं में जांच दल एलटीटी डयूटी रोस्टर व निर्धारित दिवसों के कैंप की सर्वसंबंधितों को सूचना आदेश, 
एलटीटी कैंप के प्रभारी आफीसर कौन थे व उनके द्वारा कैंप प्रारंभ से लेकर समाप्ति तक किए गए कार्यों की अभिलेख सूची,
 कैंप में कुल कितने हितग्राहियों को बुलाया गया था तथा भारत सरकार के निर्देशानुसार कैंप में क्या-क्या व्यवस्था होनी थी और क्या-क्या रही। 
इसके लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय मुख्य रूप से अधिकारी-कर्मचारी जवाबदेह थे। 
कैंप के लिए आपातकालीन क्या-क्या व्यवस्थाएं रखनी चाहिए व क्या-क्या रखी गई, 
स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन व्यवस्था के लिए विद्युत व्यवस्था क्या-क्या थी, 
स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर अथवा इनवर्टर की वैकल्पिक व्यवस्था क्या थी, 
स्वास्थ्य केंद्र में एलटीटी कैंप के लिए कितने पलंग, गद्दे, चादर व अन्य की क्या व्यवस्था थी, 
किन परिस्थितियों में ऑपरेशन वाली महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया, 
एलटीटी सर्जन व कैंप प्रभारी मेडिकल आफीसर एलटीटी कैंप में कब पहुंचना चाहिए और वह कब पहुंचे, कार्य का विवरण सहित,
 पिछले 2 माह में किन-किन अधिकारियों द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया और निरीक्षण के दौरान क्या-क्या पाया गया तथा उस पर क्या कार्रवाई हुई, 
सहित अन्य बिंदु जो जांच दल आवश्यक समझे शामिल है। बिंदुवार जांच कर प्रतिवेदन अभिमत सहित प्रस्तुत करने के निर्देश कलेक्टर डॉ. सिंह द्वारा दिए गए हैं।

Wednesday, November 20, 2019

रीवा नगर का गौरव व्यंकट भवन


रीवा नगर का गौरव व्यंकट भवन

 प्राचीन रीवा रियासत जिसकी गिनती भारत की प्रमुख रियासतों में की जाती है। पूर्व काल में यहाँ के राजाओं द्वारा कई प्रसिद्ध इमारतों का निर्माण कराया गया। वेंकट भवन भी इन्ही इमारतों में से एक है, जिसका निर्माण 32वें महाराजा श्री व्यंकट रमण सिंह जूदेव द्वारा सन 1908 में करवाया गया था।  उन्हीं के नाम पर इस इमारत का नाम " वेंकट भवन"  पड़ा। शहर के बीचो- बीच स्थित यह भवन, चारो ओर छ्तरियों से घिरा हुआ हाॅल तथा शाही सुरंग के लिए प्रसिद्ध है।
कहा जाता है कि भवन के उपरी मंजिल में स्थित यह गोलाकार हाॅल शाही सम्मेलनों तथा राजकीय कार्यक्रमों के लिए बनाया गया था। इस हाल के चारो दिशाओं मे चार कक्ष हैं। वहीं  महल के निचले भाग मे सुरंग बनाई गयी थी। बताया जाता है की इसे आक्रमणकारियों के डर से बनाया गया था। अमूमन प्राचीन सुरंगे संकरी हुआ करती थी, पर इसकी खास बात यह है कि यह लगभग 12 फीट ऊँची तथा उतनी ही चौड़ी भी है। यह सुरंग आगे चल कर दो दिशाओं में बट जाती है। जिसमें एक दिशा बावड़ी की ओर जाती है, जहाँ एक गोलाकार स्नानागार हुआ करता था। वहीं दूसरी दिशा अमरा कोठी की तरफ जाती है, जो आज प्रशासनिक इमारत में तब्दील हो चुकी है। 


वर्तमान में इस भवन में मध्यप्रदेश शाशन द्वारा संग्रहालय संचालित किया जा रहा है जिसमे संग्रहीत पुरावशेषो में पाषाण प्रतिमाऐं, सिक्के, , काष्ठ सामग्री, पेंटिग आदि का संग्रह के साथ साथ  पुरावशेष प्रतिमाओ का संग्रह है जिसमे अधिकतर ,10 वीं और 11वीं शती ई. के है।

📝अनुपम दाहिया




नागौद ऊँचेहरा सड़क के उड़े परखच्चे । आए दिन हो रहे हादसे


नागौद ऊँचेहरा  सड़क के उड़े परखच्चे । आए दिन हो रहे हादसे
नागौद से ऊँचेहरा मार्ग के बीच सतना से श्यामनगर जा रही बस कुलगढ़ी ढावा के पास एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मारकर पलट गई  ,इस हादसे में लगभग 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए नागौद अस्पताल में भर्ती किया गया । मिली जानकारी के अनुसार शुबह गौतम ट्रेवल्स की बस क्रमांक एम पी 19 पी 0233 सतना से सवारी लेकर श्यामनगर जा रही थी तभी कुलगढ़ी के पास मोटरसाइकल क्रमांक एमपी 19 एमडी 8366 में मानिकपुर गाव के अंगद यादव और छोटा यादव अचानक सामने आ गए  और बचाने के चक्कर मे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई । चीख पुकार सुन आसपास के लोग एकत्रित होकर  बस से घायलों को निकाल वाहन से नागौद अस्पताल भिजवाया इस बीच सूचना पर पोंडी उपथाना व नागौद थाना पुलिस भी पहुच गई गनीमत रही कि कोई भी जनहानि नही हुई । पुलिस ने गम्भीर घायल मोटरसाइकल सवार के परिजन रामदुलारे यादव की शिकायत पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है ।  

कई वर्षों से इस सड़क मार्ग के उड़े है परखच्चे

इस मार्ग के डेंजर रोड और गड्‌ढे हर दिन किसी न किसी को अपनी चपेट में ले रहे हैं।बताया गया कि यह मार्ग ऊँचेहरा से नागौद तक का मार्ग काफी लंबे समय से जर्जर हालत में है। जिसके  चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क में गहरे बड़े गड्ढे में  फंसकर आए दिन कोई न कोई वाहन दुर्घटना ग्रस्त होता रहता है। इस जर्जर मार्ग पर कई बार बड़ी दुर्घटनाऐं होने के बावजूद अभी प्रशासन द्वारा उक्त मार्ग का निर्माण न कराए जाने से इस मार्ग के आसपास गांव के लोगों में काफी रोष व्याप्त है। यहां इसी मार्ग पर श्यामनगर का पुल और करारी नदी पर रपटों की हालत बदतर हो चुकी है अगर यहां भारी वाहन निकलते है तो दबाव से झूले की तरह हिलने लगती  है। वाहन चालकों को इसका हिलना महसूस भी होता। अभी विगत माह करारी नदी के रपटे के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने ज्वलन्त परिवार अनशन पर बैठा था  और भोपाल पहुचकर प्रभारी मंत्री से मिलकर निर्णन की मांग भी कर चुके है  जिस पर उन्होंने अस्वाशन दिया था। 

आखिर कब जागेगा प्रसाशन 🔔

इसके साथ ही इस मार्ग को बनवाए जाने के लिए प्रशासन से कई बार मांग की है। परंतु अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। कोई कदम उठा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश है।  वही मजे की बात तो यह है कि इस सड़क से जिला मुख्यालय के कई अहम कार्यालय का पहुच मार्ग है ।  जहां इस मार्ग से हर रोज अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की गाड़ियां हिचकोले खाकर गुजरती हैं। बावजूद इस दिशा में किसी ने ठोस पहल नहीं की। जब कि स्थानीय  विधायक का  ग्रह ग्राम  भी इसी मार्ग में है। इसी सड़क होकर विधायक अपने गांव आते-जाते हैं।


 आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ग्रामीणजन

करीब 3 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी ना तो रोड बनी और ना ही  पुलो का निर्माण हुआ है इस सड़क मार्ग को दुरस्त कराने ग्रामीणों ने एक बार पुनः प्रशासन से मांग की है कि उक्त मार्ग को अतिशीघ्र दुरूस्त कराया जाए। अन्यथा की स्थिति में ग्रामीणा सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

एक नजर इस मार्ग के हादसों पर
 वर्ष भर के अंदर यहां कई बड़ी घटनाएं हो चुकी यहां कुलगढ़ी के पास एक महिला की मौत व एक बोलेरो वाहन के पुल के नीचे गिरने से  दर्जनों लोग गम्भीर घायल हो चुके है व इसके अलावा श्यामनगर रपटे में और करारी रपटे अलग अलग समय में 4 ट्रक पलट चुके है व अतर्वेदिया के पास भी मोटरसाइकल गम्भीर घायल हो चुका है इसके साथ ही 0पतवार के पास छोटा हांथी गिरने से ड्राइवर के हांथ पैर टूट चुका है व बिहटा के आगे हत्था बाबा के पास एक स्कूली बस भी पलट चुकी है कुल मिलाकर हर दिन यहां हादसे हो रहे हैं ।





कुएं में गिरे जंगली सुअर रेस्क्यू कर वन अमला ने सुरक्षित निकाला

कुएं में गिरे जंगली सुअर रेस्क्यू कर वन अमला ने सुरक्षित निकाला
सतना  वन मंडल के वन परिक्षेत्र ऊँचेहरा अंतर्गत गोवराव खुर्द गाव के छोटा टोला में परसमनिया के जंगल से भटकटे हुए एक जंगली सुअर प्रवेश किया और ग्रामीण गाव के ही लालेंद्र सिंह के खेत मे बने कुएं में जा गिरा । 

शुबह ग्रामीणों की सूचना पर दीपक राज प्रजापति दल बल के साथ रेस्क्यू कर उसे निकालने पहुच गए। जहाँ कई घण्टे जद्दोजहद करने के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जैसे ही उसे निकाल कर बाहर रखा गया तो वह रस्सी से आजाद होते हुए जंगल की ओर भाग गया। 
बताया गया कि इस समय क्षेत्र में धान की फसल खाने जंगली सुअर गाव में प्रवेस कर रहे हैं ।
वही सुरक्षित सुअर को बाहर निकालने में परिक्षेत्राअधिकारी राज प्रजापति सहित आरके वर्मा,बीट गार्ड अजय भदौरिया,सहादत हुसैन,महेश प्रजापति,अशोक पांडेय, का सहयोग रहा ।